व्हाइट हाउस में ऐतिहासिक मुलाकात: ट्रंप को मारिया कोरिना मचाडो ने भेंट किया नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो के बीच व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गई। पहली बार आमने-सामने हुई इस भेंट को ट्रंप ने “बड़ा सम्मान” करार दिया।
व्हाइट हाउस के प्राइवेट डाइनिंग रूम में लंच के दौरान हुई बंद कमरे की बातचीत में मचाडो ने राष्ट्रपति ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल भेंट किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ट्रंप ने लिखा कि मारिया कोरिना मचाडो एक साहसी और असाधारण महिला हैं, जिन्होंने अपने संघर्षों के बावजूद लोकतंत्र के लिए लड़ाई जारी रखी है।
मीडिया से बातचीत में मचाडो ने इस कदम को प्रतीकात्मक बताते हुए कहा कि यह वेनेजुएला और अमेरिका की साझा लोकतांत्रिक विरासत का सम्मान है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए फ्रांसीसी जनरल मार्क्विस डी लाफायेट और साइमन बोलिवर का उदाहरण दिया और कहा कि दो शताब्दी बाद इतिहास एक बार फिर लोकतंत्र के प्रतीक मेडल के जरिए जुड़ रहा है।
व्हाइट हाउस बैठक के बाद मचाडो कैपिटल हिल पहुंचीं, जहां उन्होंने रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों दलों के सीनेटरों के साथ द्विदलीय बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक की मेजबानी सीनेट के डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन और सीनेट विदेश संबंध समिति की वरिष्ठ सदस्य जीन शाहीन ने की।
डिक डर्बिन ने मचाडो को लोकतंत्र के लिए जोखिम उठाने वाली असाधारण नेता बताते हुए कहा कि वह नोबेल शांति पुरस्कार की पूरी हकदार हैं। वहीं, जीन शाहीन ने चेताया कि तानाशाह के हटने के बाद भी लोकतंत्र की स्थापना एक लंबी प्रक्रिया है और अमेरिका को इस दिशा में सतर्क रहना होगा।
गौरतलब है कि अमेरिका यात्रा से पहले मचाडो ने वेटिकन में पोप लियो चतुर्दश से मुलाकात कर वेनेजुएला में राजनीतिक कैदियों की रिहाई की अपील की थी। 11 महीने तक गुप्त जीवन बिताने के बाद वह दिसंबर में नॉर्वे में नोबेल शांति पुरस्कार ग्रहण करने के लिए सार्वजनिक रूप से सामने आई थीं।




