Naxal वाद में भारी धक्का: वरिष्ठ नेता समेत 15 नक्सली ने हथियार डाल दिए — क्या “Red Terror” खत्म हो गया?

रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ा ऑपरेशन सफलता मिली है, जिसमें 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें एक वरिष्ठ कमेटी नेता “विकास” भी शामिल है, जिन पर मोटी इनामी रकम थी। ये सभी बागडोर संभाल रहे थे और Odisha-Chhattisgarh सीमा के समीप सक्रिय थे।
पुलिस के अनुसार surrendered नक्सलियों ने AK-47, SLR और INSAS सहित कई खतरनाक हथियार भी सौंपे, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाईं विंग उग्रवाद की पकड़ कमजोर हो रही है। सरकार की नीतियों और पुनर्वास कार्यक्रमों को इसकी सफलता का श्रेय दिया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय रेड कॉरिडोर विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभी भी प्रतीकात्मक है और हिंसा के बड़े नेटवर्क की जड़ें अभी भी मजबूत हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह surrender राजनैतिक दबाव और सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों का नतीजा है, लेकिन कुछ सुरक्षा विश्लेषक इसे ‘समय की चाल’ कह रहे हैं और बताते हैं कि असली ‘नेतृत्व’ अभी भी जंगलों में सक्रिय है। इससे राज्य में नक्सली गतिविधियों के पूर्ण समाप्ति को लेकर विवाद बढ़ा है।
अंत में, राज्य पुलिस ने कहा है कि surrendered नक्सलियों के खिलाफ नई जांच चल रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि उनके पास हथियार कैसे और कब से थे और क्या कोई बड़ी साजिश थी।



