मिडिल ईस्ट संकट से सोने की कीमतों में उछाल, निवेशकों की बढ़ी चिंता

वैश्विक बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। 7 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों का ध्यान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ता दिख रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार सोने की कीमत में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह करीब 5181 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया। भारत में भी सोने की कीमत लगभग 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध, राजनीतिक संकट या आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। सोना पारंपरिक रूप से ऐसा ही एक सुरक्षित निवेश माना जाता है।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। इसी कारण सोने और चांदी की मांग में तेजी देखी जा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार यदि भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं निवेशकों को बाजार की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।



