भूमिहीन मजदूरों के खातों में करोड़ों की मदद, नवरात्रि पर मिली आर्थिक मजबूती की सौगात

रायपुर। किसानों के बाद अब भूमिहीन कृषि मजदूरों के जीवन में भी आर्थिक सशक्तिकरण की नई रोशनी दिखाई दे रही है। नवरात्रि के अवसर पर छत्तीसगढ़ में एक बड़ा वित्तीय सहयोग अभियान चलाया गया, जिसके तहत लाखों मजदूरों को सीधी मदद पहुंचाई गई।
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत 4 लाख 95 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि श्रमिकों के खातों में 495 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिक वर्ग के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि सरकार योजनाओं को तेजी और पारदर्शिता के साथ लागू कर रही है। धान खरीदी की बेहतर दर, महिलाओं के लिए आर्थिक योजनाएं और आवास उपलब्ध कराने जैसी पहलें लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों की चाबियां भी सौंपी गईं। पिछले दो वर्षों में लाखों आवास स्वीकृत होने से गरीब परिवारों को स्थायित्व और सुरक्षा मिल रही है।
भूमिहीन मजदूरों को हर साल 10 हजार रुपये की सहायता राशि देने वाली योजना उनके जीवनयापन, बच्चों की पढ़ाई और छोटे व्यवसाय शुरू करने में मददगार साबित हो रही है।
इसके अलावा सरकार द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, और विभिन्न सामाजिक योजनाओं के जरिए ग्रामीण और वन क्षेत्रों के विकास को भी गति दी जा रही है।
प्रदेश में लंबित बिजली बिलों के समाधान के लिए विशेष योजना चलाई जा रही है, जिसमें लोगों को छूट और आसान किस्तों की सुविधा मिल रही है। यह योजना जून तक जारी रहेगी।
राज्य के समग्र विकास पर जोर देते हुए बताया गया कि कृषि, खनिज और वन संसाधनों के बेहतर उपयोग से प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। खासकर बस्तर क्षेत्र, जो पहले नक्सल प्रभावित था, अब तेजी से विकास और शांति की राह पर आगे बढ़ रहा है।




