बस बनी करियर की राह: कुमिता की पढ़ाई को मिली रफ्तार, सपनों को मिला नया आसमान

रायपुर। जब सुविधाएं रास्ता आसान कर देती हैं, तो सपनों को उड़ान भरने से कोई नहीं रोक सकता। सरगंवा की रहने वाली कुमिता की कहानी इसी बदलाव की मिसाल बनकर सामने आई है, जहां एक बस सेवा ने उनकी पढ़ाई और भविष्य दोनों को नई दिशा दे दी है।
कुमिता इन दिनों एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की तैयारी में जुटी हैं और इसके लिए रोजाना गांव से लाइब्रेरी तक का सफर तय करती हैं। लेकिन पहले यह सफर आसान नहीं था। बसों की कमी के कारण उन्हें समय से पहले ही लौटना पड़ता था, जिससे पढ़ाई का समय सीमित हो जाता था। समय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन चुका था।
इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू हुई ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ ने तस्वीर बदल दी। अब गांवों तक नियमित बस सेवा पहुंचने से कुमिता को न सिर्फ समय पर आना-जाना संभव हो पाया है, बल्कि वे लाइब्रेरी में ज्यादा देर तक पढ़ाई भी कर पा रही हैं।
सबसे बड़ी राहत यह है कि तय समय-सारणी के चलते अब उन्हें देर रात घर लौटने की चिंता नहीं रहती, जिससे उनकी सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। यह योजना सिर्फ परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीण छात्राओं के आत्मविश्वास और सपनों को पंख देने का जरिया बन गई है।
कुमिता भी इस बदलाव से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि अब वे तय समय पर घर पहुंच जाती हैं और उन्हें पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है। वे इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहती हैं कि अब गांव के लोगों को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हो रही।




