बस स्टैंड पर ‘प्रशासन फेल’? हजारों यात्री फंसे, सरकार को अचानक चलानी पड़ी 14508 बसें

चेन्नई में हाल ही में हुए भारी भीड़भाड़ और अव्यवस्था ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की भारी संख्या को संभालने में शुरुआती व्यवस्थाएं पूरी तरह नाकाम रहीं, जिसके चलते हजारों लोग बस स्टैंड पर फंसे रह गए। इस स्थिति से निपटने के लिए परिवहन विभाग को अचानक 14,508 बस सेवाएं शुरू करनी पड़ीं।
रिपोर्ट के अनुसार, 21 से 23 अप्रैल के बीच पहले से 10,169 बसें चलाई जा रही थीं, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त साबित नहीं हुई। यात्रियों को न केवल भीड़ का सामना करना पड़ा, बल्कि कई लोगों को महंगे किराए पर निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। कुछ यात्रियों को तो रास्ते में लिफ्ट लेकर घर पहुंचना पड़ा, जिससे स्थिति और भी गंभीर नजर आई।
प्रशासन ने 25 और 26 अप्रैल के लिए हजारों अतिरिक्त और विशेष बसों की घोषणा की है, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों में असंतोष बना हुआ है। कई लोगों ने भीड़ के डर से अपनी यात्रा टाल दी है।
यह मामला न सिर्फ व्यवस्थाओं की कमी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि बड़े आयोजनों के दौरान योजना बनाने में कितनी खामियां रह जाती हैं।




