अंबिकापुर में पशु चिकित्सकों का सम्मान, पशु संरक्षण को बताया ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मानव सभ्यता के विकास के साथ ही पशु हमारे जीवन का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुओं का संरक्षण और संवर्धन केवल परंपरा नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार भी है। उनके अनुसार, पशु चिकित्सक मूक प्राणियों के सच्चे रक्षक हैं, जिनकी सेवा, समर्पण और करुणा समाज के लिए एक बड़ा योगदान है।
विश्व पशु चिकित्सा दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ संघ द्वारा राजमोहिनी कृषि महाविद्यालय, अजिरमा (अंबिकापुर) में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पशु चिकित्सकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके योगदान को सराहा।
कार्यक्रम में पशुधन विकास विभाग की ओर से पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण और संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशु चिकित्सकों और सहायकों को सम्मानित किया गया। मंत्री ने कहा कि आज के समय में पशुपालन ग्रामीण आजीविका का प्रमुख साधन बन चुका है, ऐसे में पशु चिकित्सकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने इस क्षेत्र को मजबूत करने और इससे जुड़े लोगों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।
इसके साथ ही पशु पुनर्वास केंद्रों और गोशालाओं में काम कर रहे उन लोगों की भी सराहना की गई, जो निराश्रित और घायल पशुओं की सेवा में लगे हैं। कार्यक्रम में विधायक प्रबोध मिंज सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक मौजूद रहे। अंत में पशु कल्याण और संरक्षण का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।




