“बॉक्स ऑफिस पर बॉलीवुड की खोखली चमक ढेर: साउथ और हॉलीवुड के तूफान में उड़ा हिंदी सिनेमा का अहंकार!”

01 अगस्त 2026 का दिन बॉलीवुड के लिए किसी जलजले से कम साबित नहीं हो रहा है। 200 से 250 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनने वाली ‘तथाकथित मेगा-बजट फिल्में’ थिएटर्स में दर्शकों के लिए तरस रही हैं। साउथ की ब्लॉकबस्टर ‘जन नायकन’ जहां वैश्विक स्तर पर ₹268 करोड़ की कमाई का आंकड़ा पार कर झंडे गाड़ रही है, वहीं हॉलीवुड की ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ ने भारत में महज दो दिनों में ₹130 करोड़ समेटकर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को औकात दिखा दी है।
बॉलीवुड के ए-लिस्टर्स (A-listers) अपनी औकात से ज्यादा फीस वसूलने में तो आगे रहते हैं, लेकिन जब थिएटर में दर्शक खींचने की बात आती है तो उनके चेहरे की हवाइयां उड़ जाती हैं। वीएफएक्स (VFX) के नाम पर कचरा और कमजोर पटकथा पर आधारित रीमेक फिल्में परोसकर बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक यह भूल गए हैं कि भारत का दर्शक अब जागरूक हो चुका है।
स्टार्स के नखरे, वैनिटी वैन के बेफिजूल खर्चे और कंटेंट के नाम पर परोसा जा रहा बकवास ड्रामा अब हिंदी सिनेमा के ताबूत में आखिरी कील ठोक रहा है। अगर बॉलीवुड ने रीमेक और ओवर-प्राइज्ड स्टार्स का मोह नहीं त्यागा, तो बहुत जल्द मुंबई की यह फिल्म नगरी सिर्फ विवादों और ट्रोलिंग का अड्डा बनकर रह जाएगी!

