सुशासन तिहार में बिलासपुर को मिली 18.50 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, केंद्र-राज्य ने दिया तेज विकास का भरोसा

सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर के पुत्रीबाई स्कूल सामुदायिक भवन में आयोजित जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव शामिल हुए। इस दौरान दोनों नेताओं ने सुशासन, जवाबदेही और विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा।
तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिलासपुर के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। वहीं अरुण साव ने कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही ही वास्तविक सुशासन की पहचान है और सुशासन तिहार ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को और मजबूत किया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 18 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक लागत के दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इनमें अरपा राम सेतु से शनिचरी रपटा तक सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य तथा कुंदन पैलेस से बस स्टैंड तक आरसीसी बॉक्स निर्माण कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहर की अधोसंरचना को मजबूती मिलने और नागरिक सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन भी किया गया और जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया। तोखन साहू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि फोरलेन सड़कों के निर्माण, एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में प्रयासों और कोपरा जलाशय के रामसर साइट के रूप में चयन से बिलासपुर की बढ़ती अहमियत स्पष्ट होती है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही हैं।
अरुण साव ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बिलासपुर जिले में 412 करोड़ 57 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत और संचालित किए गए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि विकास की यह रफ्तार आगे भी जारी रहेगी और बिलासपुर को प्रदेश के सबसे विकसित शहरों में शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने पुत्रीबाई सामुदायिक भवन में बाउंड्रीवॉल और शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा भी की।




