सरोधा दादर की वादियों में पर्यटन मंत्री ने लिया सुकून का अनुभव, कहा— मेडिटेशन के लिए आदर्श स्थल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने पर्यटन मंडल द्वारा संचालित बैगा एथनिक रिजॉर्ट (सरोधा दादर) में प्रवास के दौरान प्रदेश के उभरते पर्यटन स्थलों की जमकर सराहना की। भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ अवसर पर पहुंचे मंत्री ने यहां रात्रि विश्राम कर चिल्फी घाटी और सरोधा दादर की प्राकृतिक खूबसूरती का करीब से अनुभव लिया।
प्रकृति की गोद में बसे इस स्थल को लेकर उन्होंने कहा कि यहां का शांत, सुकूनभरा और ऊर्जावान वातावरण किसी भी व्यक्ति को आत्मिक शांति का एहसास कराता है। उनका मानना है कि यह जगह योग, ध्यान और मेडिटेशन के लिए बेहद उपयुक्त है और यहां बिताया गया समय कम लगता है।
उन्होंने पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नवाचार और सतत विकास की दिशा में काम करते हुए छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। साथ ही, सरोधा दादर जैसे स्थलों का विकास स्थानीय जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली को वैश्विक मंच दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बैगा एथनिक रिजॉर्ट की खासियत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यहां पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण के बीच पारंपरिक जनजातीय जीवन का जीवंत अनुभव मिलता है। अपने प्रवास के अंत में उन्होंने संकेत दिया कि वे जल्द ही एक बार फिर इस शांत और खूबसूरत स्थल की यात्रा करेंगे। यह दौरा क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।




