गडकरी बोले पेट्रोल-डीजल देश के सबसे बड़े दुश्मन! क्या खत्म होगी तेल की राजनीति?

केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने 24 मई 2026 को नागपुर में बड़ा बयान देते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल देश में प्रदूषण और आर्थिक बोझ की सबसे बड़ी वजह बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत ईंधन आयात करता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ता है।
गडकरी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल, एथेनॉल, हाइड्रोजन और बायोफ्यूल को भविष्य का रास्ता बताया। उन्होंने दावा किया कि कई वाहन निर्माता कंपनियां 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाले वाहन तैयार कर चुकी हैं। उन्होंने किसानों को “फूड और फ्यूल प्रोड्यूसर” बनने की सलाह देते हुए कृषि अपशिष्ट से ईंधन उत्पादन बढ़ाने की बात कही।
मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर सरकार को पेट्रोल-डीजल इतना नुकसानदायक लगता है तो फिर टैक्स कम क्यों नहीं किए जाते। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग पूछ रहे हैं कि आम आदमी को राहत कब मिलेगी।
गडकरी ने हरित ऊर्जा को रोजगार और ग्रामीण विकास से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि बायोफ्यूल और ग्रीन एनर्जी के जरिए गांवों में रोजगार बढ़ सकता है और शहरों की ओर पलायन कम होगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ऊर्जा की तरफ पूरी तरह बदलाव में अभी कई साल लग सकते हैं।



