छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

छत्तीसगढ़: विधानसभा में भारी हंगामा, विपक्ष के कड़े विरोध के बीच ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल’ पास

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार और शुक्रवार को राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। भारी हंगामे और तीखी बहस के बीच सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ को सदन से पारित करा लिया। उद्योग और वाणिज्य मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा पेश किए गए इस विधेयक को लेकर सदन के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तलवारें खिंचीं। भाजपा विधायकों ने जहां इसे राज्य के आर्थिक विकास और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया, वहीं कांग्रेस ने इस पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार बिना सोचे-समझे और बिना किसी व्यापक विमर्श के इस संवेदनशील कानून को थोप रही है।

विपक्ष के विधायक दालेश्वर साहू ने इस बिल का पुरजोर विरोध करते हुए तीखा हमला बोला और कहा कि इतनी जल्दबाजी में बिना किसी गहन परामर्श के कानून बनाना सीधे तौर पर प्रदेश के हितों के साथ खिलवाड़ है। कानून के तहत 8 सरकारी विभागों की 43 सेवाओं को रिस्क-बेस्ड अप्रूवल फ्रेमवर्क के दायरे में लाया गया है। विपक्ष ने आशंका जताई है कि कम जोखिम वाले उद्योगों को जल्द मंजूरी देने के नाम पर बड़े पूंजीपतियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और तकनीकी जांच में ढील देने की साजिश रची जा रही है। विधानसभा के भीतर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और सदन में जमकर नारेबाजी हुई। इस बिल के पास होने के बाद अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में कॉर्पोरेट और स्थानीय हितों की जंग एक नए हिंसक राजनीतिक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जिसका असर आने वाले दिनों में सड़कों पर भी देखने को मिल सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button