ड्रैगन और इस्लामाबाद में मातम! भारत-इजराइल के बीच ऐतिहासिक सुरक्षा और निवेश संधि लागू, दुश्मनों की तबाही का नया ब्लूप्रिंट तैयार!

भारत और इजराइल की रणनीतिक जुगलबंदी ने पिछले 24 घंटों में रक्षा और आर्थिक जगत में एक ऐसा धमाका किया है, जिससे बीजिंग से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मच गया है। दोनों देशों के बीच हुआ ऐतिहासिक ‘द्विपक्षीय निवेश समझौता’ (BIA) पूरी तरह से लागू हो गया है। यह समझौता सिर्फ पैसों के लेन-देन का नहीं, बल्कि भारत को दुनिया का सबसे बड़ा हाई-टेक और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का इजराइली संकल्प है। इसके तहत इजराइल की शीर्ष रक्षा और साइबर सुरक्षा कंपनियां अब भारत में बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक तकनीकों का ट्रांसफर और निर्माण शुरू कर चुकी हैं।
इस समझौते के लागू होते ही भारत को अपनी संप्रभुता और आर्थिक नीतियों को सुरक्षित रखते हुए विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने की अपार शक्ति मिल गई है। रक्षा क्षेत्र में भारत और इजराइल मिलकर नए दौर के घातक ड्रोन, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हथियारों का निर्माण कर रहे हैं।
यह रणनीतिक गठजोड़ पूरी तरह से भारत के पक्ष में काम कर रहा है। जहां एक तरफ इजराइल की तकनीकी ताकत भारत को मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ भारत की विशाल विनिर्माण क्षमता इजराइल के काम आ रही है। इस जुगलबंदी ने चीन की आर्थिक घेरेबंदी को तोड़ दिया है और पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को पूरी तरह बौना साबित कर दिया है। भारत अब वैश्विक रक्षा बाजार में एक आक्रामक निर्यातक बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ चुका है।



