Fourth Eye News

एक्सक्लूसिव खबरों का अड्डा

हिंद महासागर में भारत का चक्रव्यूह: अमेरिका की नाक के नीचे इंडोनेशिया को ब्रह्मोस की सप्लाई शुरू, समंदर के नए सुल्तान बने मोदी!

India’s strategic web in the Indian Ocean: BrahMos supplies to Indonesia begin right under America's nose; Modi emerges as the new Sultan of the seas!

जब पूरी दुनिया का ध्यान अमेरिका और ईरान की जंग पर केंद्रित है, ठीक उसी समय भारत ने हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर में अपनी ताकत का ऐसा आक्रामक प्रदर्शन किया है जिसने दुनिया को हिला कर रख दिया है। पिछले 24 घंटों में भारत ने इंडोनेशिया के साथ हुए रणनीतिक रक्षा सौदे के तहत भारत की सबसे घातक और दुनिया की सबसे तेज ‘ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल’ और ‘अस्त्र Mk-1’ हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की खेप भेजने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है।

भारत और इंडोनेशिया की इस आक्रामक सैन्य साझेदारी और सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास ने हिंद महासागर के मुहाने पर भारत की स्थिति को अभेद्य बना दिया है। मलक्का जलडमरूमध्य और स्ट्रेट ऑफ हारमुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर भारत का नियंत्रण और प्रभाव अब इतना बढ़ गया है कि अमेरिकी नौसेना भी हिंद महासागर में भारत की सहमति के बिना एक पत्ता भी नहीं हिला सकती।

यह घटनाक्रम पूरी तरह से भारत के पक्ष में है। चीन जो लगातार हिंद महासागर में अपनी पनडुब्बियों के जरिए भारत को घेरने की कोशिश कर रहा था, वह अब खुद भारत के बिछाए इस सैन्य जाल में फंस गया है। इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति करके भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह दक्षिण-पूर्व एशिया का नया सुरक्षा प्रदाता (Security Provider) है। भारत की इस आक्रामक कूटनीति ने साबित कर दिया है कि वैश्विक मंच पर अब भारत की मर्जी के बिना कोई भी बड़ा फैसला नहीं लिया जा सकता।