वाशिंगटन को तगड़ा झटका: झुकेगा नहीं भारत! ट्रंप प्रशासन की आंख तरेरने की नीति फेल, नई दिल्ली ने व्यापार समझौते की अमेरिकी शर्तों को कूड़ेदान में फेंका!

अमेरिका यह भूल चुका है कि आज का भारत कोई कमजोर देश नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक महाशक्ति है। पिछले 24 घंटों में भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में एक बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय निर्यात पर भारी टैरिफ लगाने की धमकियों और दबाव की राजनीति को भारत ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भारतीय वार्ताकारों ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के सामने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि भारत किसी भी जल्दबाजी या एकतरफा शर्तों पर व्यापार समझौता नहीं करेगा। भारत ने अपनी शर्तों पर अड़े रहकर अमेरिकी व्यापारिक अहंकार के गुब्बारे की हवा निकाल दी है।
इस कड़े रुख के पीछे भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और हालिया रणनीतिक नीतियां हैं। हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के कुछ मनमाने टैरिफ फैसलों को पलटने के बाद भारत का पलड़ा और मजबूत हुआ है। भारत ने साफ कह दिया है कि जब तक अमेरिका भारतीय निर्यातकों को चीन के मुकाबले प्राथमिकता और भविष्य में मनमाने टैक्स न लगाने की पक्की कानूनी गारंटी नहीं देता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा।
भारत ने यह आक्रामक रुख अख्तियार करके दिखा दिया है कि वह वाशिंगटन के आगे घुटने टेकने के बजाय लंबे समय तक इंतजार करने और अपनी शर्तों पर दुनिया के सबसे बड़े बाजार से बात करने की ताकत रखता है। मोदी सरकार के इस कदम ने यह साबित कर दिया है कि भारत की अर्थव्यवस्था अब किसी भी पश्चिमी महाशक्ति के दबाव से पूरी तरह मुक्त है और देश के हित हमेशा सर्वोपरि रहेंगे।



