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कोंडागांव में मुनगा पौधरोपण जन आंदोलन की शुरुआत, सुपोषण वाटिकाओं से बच्चों और माताओं को मिलेगा पौष्टिक आहार

कुपोषण के खिलाफ जनभागीदारी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कोंडागांव जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘मुनगा पौधरोपण जन आंदोलन’ की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में मुनगा (सहजन) और विभिन्न फलदार पौधे लगाकर सुपोषण वाटिकाएं विकसित की जाएंगी। इन वाटिकाओं का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देना है।

अभियान के शुभारंभ पर जनप्रतिनिधियों, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, स्वयं सहायता समूहों, स्कूल प्रबंधन समितियों और स्थानीय नागरिकों ने पौधरोपण कर सुपोषित समाज और हरित पर्यावरण का संकल्प लिया।

मुनगा को पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। इसकी पत्तियों, फलियों, फूलों और बीजों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, विटामिन-ए और विटामिन-सी सहित कई आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। नियमित सेवन से बच्चों के शारीरिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता और समग्र स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार होता है।

अभियान के तहत तैयार होने वाली सुपोषण वाटिकाओं में उगाए गए फल और सब्जियों का उपयोग पोषण गतिविधियों, स्वास्थ्य दिवस, पोषण माह और सामुदायिक कार्यक्रमों में किया जाएगा। इसके साथ ही लोगों को स्वच्छता, संतुलित आहार, जल संरक्षण और जैविक खेती के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने नागरिकों से “एक आंगनबाड़ी, एक सुपोषण वृक्ष, एक परिवार, एक फलदार पौधा” संदेश को अपनाने की अपील की है। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक घर, विद्यालय और सार्वजनिक स्थल पर कम से कम एक मुनगा और एक फलदार पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करना है, ताकि कुपोषण मुक्त और हरित कोंडागांव का सपना साकार हो सके।

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