मध्यप्रदेश में बाघों की रहस्यमयी मौतों से बवाल! क्या देश का सबसे बड़ा टाइगर स्टेट अब असुरक्षित?

मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बाघों की मौतों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व में हाल ही में एक युवा बाघ की मौत ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी। यह वही बाघ था जिसे कुछ दिन पहले इंसानी बस्ती के पास घूमने के कारण रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया था। अधिकारियों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ बताया था और उसके गले में रेडियो कॉलर भी लगाया गया था ताकि उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसका शव जंगल में मिलने से वन विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शुरुआती जांच में शिकार या बाहरी चोट के निशान नहीं मिले। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस घटना के बाद 2026 में मध्यप्रदेश में बाघों की मौत का आंकड़ा 28 तक पहुंच गया है।
वन्यजीव कार्यकर्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ता मानव दखल, जंगलों में दबाव और निगरानी की कमजोर व्यवस्था बाघों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सरकार और वन विभाग को घेरना शुरू कर दिया है। कई पर्यावरण विशेषज्ञों ने सवाल उठाया है कि जब रेडियो कॉलर लगे बाघ की लोकेशन तक समय पर नहीं ट्रैक हो सकी, तो बाकी वन्यजीव कितने सुरक्षित होंगे?




