जल जीवन मिशन से बदली बिरहीपानी की तस्वीर, अब हर घर तक पहुंच रहा शुद्ध पेयजल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जल जीवन मिशन के जरिए दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के अभियान को लगातार गति दे रही है। इसी पहल का असर जशपुर जिले के सीमावर्ती ग्राम बिरहीपानी में साफ दिखाई दे रहा है, जहां अब गांव के सभी 129 घरों में नियमित रूप से नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच बसे इस गांव में लंबे समय तक पेयजल की समस्या ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी रही। गांव के लोग हैंडपंप, कुएं और ढोढ़ी जैसे पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर थे। गर्मियों में जलस्तर घटने के कारण पेयजल संकट गहरा जाता था और महिलाओं तथा बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इसके अलावा असुरक्षित पानी के उपयोग से जलजनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता था।
ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान जल जीवन मिशन के तहत किया गया। योजना के अंतर्गत गांव में चार उच्च स्तरीय जलागार बनाए गए और पूरे क्षेत्र में पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया। इसके जरिए सभी 129 परिवारों को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) उपलब्ध कराए गए, जिससे अब हर घर तक नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
घर-घर नल से पानी मिलने के बाद ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और मेहनत से राहत मिली है, जिससे वे अब परिवार, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आजीविका संबंधी कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं। वहीं, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आई है और बच्चों की स्कूलों में नियमित उपस्थिति भी बढ़ी है।
योजना के सुचारु संचालन और रखरखाव के लिए गांव में जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। स्थानीय लोगों की भागीदारी से जलापूर्ति व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है, जिससे योजना की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित हो रही है।
ग्रामीणों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि घर-घर नल से जल मिलने से उनका जीवन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक बन गया है। बिरहीपानी की यह पहल दर्शाती है कि प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं सफलतापूर्वक पहुंचाई जा सकती हैं।



