सुशासन तिहार में ऑन-द-स्पॉट समाधान, बम्हनी शिविर में ग्रामीणों को मिला योजनाओं का सीधा लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की “सुशासन तिहार” पहल अब ग्रामीण क्षेत्रों में जनविश्वास और त्वरित प्रशासनिक समाधान का मजबूत माध्यम बनती जा रही है। गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्हनी में आयोजित आठवें जन समस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों ने सीधे आमजन से संवाद कर शिकायतों और मांगों पर त्वरित कार्रवाई की।
शिविर की खास बात यह रही कि कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने स्वयं आवेदकों को मंच पर बुलाकर विभागीय अधिकारियों से उनके मामलों की स्थिति और समाधान की जानकारी ग्रामीणों के सामने साझा करवाई। सीमांकन, पेंशन और राशन कार्ड से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को दो दिनों के भीतर जांच कर निराकरण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने साफ कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
महिला स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बकरी पालन के लिए बड़ी संख्या में मिले आवेदनों पर प्रशासन ने ग्राम पंचायत मुरमुर को नए बकरी पालन क्लस्टर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। यह पहल स्व-सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार और आर्थिक मजबूती देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
शिविर में पेयजल, वनाधिकार पत्र, ऋण पुस्तिका और राजस्व संबंधी मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को नए हैंडपंप खनन और खराब हैंडपंपों की मरम्मत के निर्देश दिए गए, वहीं वन विभाग को वनाधिकार मामलों का त्वरित निराकरण करने कहा गया।
इस आयोजन में 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार, जाति प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी, आयुष्मान कार्ड, किसान किताब, दिव्यांगजनों को सहायक सामग्री सहित कई हितलाभ वितरित किए गए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।




