बालिकाओं से संवाद, अंगदानियों का सम्मान… राज्यपाल ने दिया सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

राज्यपाल रमेन डेका ने लोक भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बेटियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि ये बेटियां समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कठोर परिश्रम के दम पर जीवन का कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को बड़ा रखने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
संवाद के दौरान राज्यपाल ने पुस्तकों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल युग में जानकारी तेजी से बदलती है, लेकिन किताबों में संचित ज्ञान लंबे समय तक मार्गदर्शन करता है। उन्होंने महान व्यक्तित्वों की जीवनी पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि संघर्ष और सफलता की कहानियां जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने बालिकाओं को समाज सेवा और दूसरों की मदद के भाव को जीवन का हिस्सा बनाने की सीख भी दी।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने बालिकाओं के प्रश्नों का आत्मीयता से उत्तर दिया और उन्हें स्टेशनरी सामग्री भेंट की। वहीं बालिकाओं ने भी अपने हाथों से तैयार उपहार देकर सम्मान व्यक्त किया।
इस अवसर पर पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर भी उन्होंने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षों का संरक्षण और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण आवश्यक है। जल संकट को लेकर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि अभी से पेड़ों और जल स्रोतों की सुरक्षा नहीं की गई, तो आने वाले वर्षों में गंभीर भू-जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कार्यक्रम में अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम है, जबकि देहदान चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए अमूल्य योगदान है। उन्होंने ऐसे लोगों को समाज का सच्चा नायक बताते हुए दूसरों को भी इस दिशा में प्रेरित करने का आह्वान किया। इस दौरान रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह को भी अंगदान और देहदान जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।




