देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

भारत की पहली स्वदेशी पोलर रिसर्च वेसल परियोजना को गति

भारत ने ध्रुवीय अनुसंधान के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। देश की पहली स्वदेशी पोलर रिसर्च वेसल (PRV) के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। इसके लिए भारतीय कंपनी GRSE और नॉर्वे की कोंग्सबर्ग के बीच समझौता हुआ है।

यह जहाज आर्कटिक और अंटार्कटिका में भारत के वैज्ञानिक अभियानों को मजबूत करेगा। इसके माध्यम से जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों, समुद्री पारिस्थितिकी और ध्रुवीय क्षेत्रों के अध्ययन को नई गति मिलेगी।

इस अत्याधुनिक पोत में आधुनिक प्रयोगशालाएं, समुद्री सेंसर और बर्फीले क्षेत्रों में संचालन की विशेष क्षमता होगी। इसका संचालन गोवा स्थित राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र द्वारा किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल वैज्ञानिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। इससे भारत की वैश्विक वैज्ञानिक उपस्थिति मजबूत होगी और समुद्री अनुसंधान में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

ध्रुवीय क्षेत्रों में बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच यह कदम भारत की दीर्घकालिक वैज्ञानिक और सामरिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button