पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार, ईरान-इजराइल संघर्ष पर दुनिया की नजर

पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बना हुआ है। ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक बयानबाजी ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने कुछ सैन्य अभियानों को रोकने की घोषणा की है, जबकि इजराइल की ओर से भी संघर्ष विराम को लेकर संकेत दिए गए हैं। हालांकि जमीन पर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी किए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं बातचीत के जरिए समाधान की अपील कर रही हैं।
भारत ने भी क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सतर्कता सलाह जारी की है। पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं, इसलिए भारत सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कूटनीतिक समाधान ही इस संकट का स्थायी रास्ता हो सकता है। यदि संघर्ष बढ़ता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है।




