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नारायणपुर की ग्राम सभाओं में विकास का रोडमैप तैयार, डिजिटल पंचायत और सामाजिक सुधारों पर बनी सहमति

नारायणपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार 24 जून को नारायणपुर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन बैठकों में ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। ग्राम सभाओं में विकास कार्यों की समीक्षा, नई योजनाओं की रूपरेखा, सामाजिक सरोकारों और प्रशासनिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही पिछली ग्राम सभाओं में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए बीते तीन महीनों के आय-व्यय का लेखा-जोखा ग्रामीणों के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त किया गया।

ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत संचालित आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण प्रमुख विषय रहा। इस दौरान सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची का वाचन किया गया तथा पात्र हितग्राहियों के चयन, दावा-आपत्ति प्रक्रिया और ग्राम सभा अनुमोदन के बाद जानकारी को आवास सॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड करने की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-GRAMG) की कार्ययोजना पर चर्चा कर ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीति तैयार की गई।

ग्राम पंचायतों को तकनीकी रूप से सशक्त और वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से डिजिटल व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से कर निर्धारण एवं संग्रहण को ऑनलाइन करने, संपत्ति कर व्यवस्था को मजबूत बनाने और ग्राम संपदा ऐप के जरिए पंचायत परिसंपत्तियों के डिजिटल पंजीकरण पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0, लंबित लेखा परीक्षण और वित्तीय बकाया मामलों की समीक्षा भी की गई।

ग्राम सभाओं में सामाजिक मुद्दों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों ने सड़कों पर मवेशियों को खुला नहीं छोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने और जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई।

अनुसूचित क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ पेसा नियम 2022 के प्रावधानों पर चर्चा की गई। भूमि अभिलेख, स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन, ब्याज दरों से जुड़े विषयों के अलावा मुक्तिधामों में सुविधाओं के विस्तार, तालाबों और हाट-बाजारों के बेहतर संचालन, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण तथा अविवादित नामांतरण और बंटवारे के प्रकरणों के त्वरित निराकरण संबंधी जानकारी भी साझा की गई।

ग्राम सभाओं में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण विकास, पारदर्शिता, डिजिटल सुशासन और सामाजिक जागरूकता को लेकर पंचायत स्तर पर नई ऊर्जा के साथ कार्य किया जा रहा है।

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