वन महोत्सव-2026: परसगढ़ी मेडिकल कॉलेज परिसर में पौधरोपण, तेंदूपत्ता बोनस और हरियाली अभियान को मिली नई रफ्तार

एमसीबी जिले के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर परसगढ़ी में शुक्रवार को वन महोत्सव-2026 के तहत पर्यावरण संरक्षण और विकास का संदेश देने वाला विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधरोपण कर लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनका संरक्षण करने की अपील की। इस अवसर पर तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस चेक वितरित किए गए तथा “तुहर पौधा तुहर द्वार” योजना के तहत नागरिकों तक निःशुल्क पौधे पहुंचाने के लिए विशेष वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने चंदन, मौलश्री, अशोक, आंवला समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने हर परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आग्रह करते हुए कहा कि वृक्ष भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण तैयार करते हैं।
इसी साल शुरू होगा मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि परसगढ़ी में बन रहा मेडिकल कॉलेज इसी वर्ष शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह संस्थान एमसीबी जिले के साथ सरगुजा संभाग, छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों एवं मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक वातावरण से घिरा यह परिसर प्रदेश के आकर्षक मेडिकल कॉलेजों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क तथा पाराडोल और चिरमिरी रेलवे स्टेशनों की निकटता इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाएगी।
16 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
वनमंडलाधिकारी चन्द्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि वन महोत्सव-2026 के दौरान जिले में 16 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। वहीं “तुहर पौधा तुहर द्वार” योजना के तहत दो लाख पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। विभाग ने हरित संकल्प अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत नागरिक अपने लगाए गए पौधों की तस्वीर विभाग के व्हाट्सएप नंबर पर भेजकर अभियान में भाग ले सकते हैं। बेहतर संरक्षण करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
तेंदूपत्ता बोनस और विकास कार्यों पर जोर
कार्यक्रम के दौरान जिले की 11 लघु वनोपज सहकारी समितियों को वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण का बोनस चेक सौंपा गया। यह राशि समितियों के माध्यम से संग्राहकों तक पहुंचाई जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, मानसिक रोग अस्पताल, डायलिसिस सेंटर, पॉलीटेक्निक कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, नालंदा परिसर, 220 बिस्तरों वाले अस्पताल, हसदेव नदी पर पुल निर्माण और सिद्धेश्वर मंदिर तक सड़क निर्माण सहित कई विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और महतारी वंदन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं प्रदेश के विकास को नई दिशा दे रही हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।




