भारत की दोटूक: अमेरिका-ईरान जंग के बीच नई दिल्ली का एलान—”अपनी शर्तों पर खरीदेंगे तेल, कोई बाहरी दबाव मंजूर नहीं!”

अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े सीधे युद्ध के बीच भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी संप्रभुता और रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) का लोहा मनवा दिया है। पिछले 24 घंटों में जब अमेरिका ने ईरान पर दोबारा सख्त प्रतिबंध थोप दिए, तब नई दिल्ली ने साफ कर दिया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के फैसले किसी तीसरे देश के इशारे पर नहीं करेगा। भारतीय विदेश मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, भारत ने अमेरिकी दवाब के आगे झुकने से साफ इनकार करते हुए ईरान के साथ चाबहार बंदरगाह और कच्चे तेल के आयात को लेकर अपनी रणनीतिक वार्ता जारी रखी है। ब्रिक्स (BRICS) ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के बाद भारत ने स्पष्ट रुख अपनाया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के हित सर्वोपरि हैं। पश्चिमी देश चाहे जितनी पाबंदियां लगा लें, भारत अपने विकास की रफ्तार को धीमा नहीं होने देगा। भारत का यह आक्रामक और आत्मनिर्भर रुख दुनिया को यह बताने के लिए काफी है कि आज का भारत किसी भी वैश्विक गुटबाजी का मोहरा नहीं बनेगा, बल्कि अपनी शर्तों पर दुनिया चलाएगा।




