‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जशपुर में मिला जनसमर्थन, हजारों हाथों ने बढ़ाया हरियाली का संकल्प

जशपुर। वन महोत्सव के तहत जशपुर वनमंडल में चल रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। पत्थलगांव, बगीचा और कांसाबेल वन परिक्षेत्रों में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन विभाग के कर्मचारियों, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
अभियान के तहत शासकीय प्रताप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव, बालक आश्रम बिमड़ा (बगीचा), आंगनबाड़ी केंद्र लमडांड तथा प्राथमिक विद्यालय केन्दुटोला (कांसाबेल) में छायादार, फलदार और स्थानीय जलवायु के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय असंतुलन और जैव विविधता संरक्षण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल पौधे लगाने की पहल नहीं, बल्कि मातृत्व के सम्मान, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन बनता जा रहा है।
विद्यार्थियों को वृक्षों के पर्यावरणीय, सामाजिक और वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही जल संरक्षण, हरित वातावरण बनाए रखने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। छात्रों ने पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया।
वन विभाग ने बताया कि वन महोत्सव के दौरान जशपुर वनमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवा मंडलों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जा सके।
वनमंडलाधिकारी ने कहा कि अभियान के तहत लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल और संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पौधे लगाने के साथ उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी निभाएं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया।



