‘लॉक्ड एंड लोडेड’ अमेरिकी सेना: ट्रंप की आखिरी चेतावनी के बाद सहमा ईरान, होर्मुज में युद्धविराम के लिए गिड़गिड़ाया तेहरान!

पश्चिम एशिया में जारी विनाशकारी युद्ध के बीच पिछले 24 घंटों में बेहद नाटकीय मोड़ आया है। लगातार 13 रातों तक ईरान पर अमेरिकी बमवर्षकों की भीषण गोलाबारी के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के आगे आखिरकार ईरान घुटने टेकने को मजबूर होता दिख रहा है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना अभी भी ‘लॉक्ड एंड लोडेड’ (पूरी तरह मुस्तैद) मोड में है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत माइक वाल्ट्ज ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप प्रशासन इस महासंकट को टालने के लिए बातचीत को ‘एक आखिरी मौका’ दे रहा है। अमेरिकी हमलों की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ईरान के रक्षा ठिकाने पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और अब तेहरान बैकफुट पर आते हुए ओमान के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रबंधन और युद्धविराम के लिए गुप्त वार्ताओं में जुट गया है।
इस भयंकर दबाव के बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर यह दिखाने की कोशिश की है कि वह सीधे तौर पर अमेरिका से बातचीत नहीं कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दोनों देशों ने पिछले 24 घंटों में एक-दूसरे पर सीधे हमले रोक दिए हैं ताकि कूटनीति को रास्ता मिल सके। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ईरान की कोई रणनीति नहीं, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था और सैन्य ढांचे के ध्वस्त होने का डर है। यदि यह बातचीत विफल होती है, तो राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि ईरान को ऐसा सबक सिखाया जाएगा जो उसने इतिहास में कभी नहीं देखा होगा। संभावना जताई जा रही है कि व्हाइट हाउस में आज होने वाली इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप की रणनीतिक बैठक के बाद ईरान पर अंतिम प्रहार का खाका खींचा जा सकता है, जिसने तेहरान के हुक्मरानों की रातों की नींद उड़ा दी है।




