महतारी वंदन योजना से बदल रही महिलाओं की तस्वीर, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला बनती जा रही है। हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अब केवल घरेलू जरूरतें ही पूरी नहीं कर रहीं, बल्कि स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
सक्ती जिले की गनेशी साहू इस योजना की 29वीं किस्त का लाभ प्राप्त कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। वे इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य, पोषण और दैनिक घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कर रही हैं। इससे परिवार का आर्थिक बोझ कम हुआ है और उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वहीं, जांजगीर-चांपा जिले की सरिता साहू ने योजना से मिली सहायता राशि को बचाकर सिलाई का काम शुरू किया। आज वे कपड़े सिलकर परिवार की आय बढ़ा रही हैं। इतना ही नहीं, वे आसपास की महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें भी रोजगार से जोड़ने का काम कर रही हैं। इससे योजना का लाभ केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं स्वास्थ्य, शिक्षा और छोटे व्यवसायों में निवेश कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। इससे उनके सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भरता में भी लगातार वृद्धि हो रही है।
प्रदेश सरकार के अनुसार, योजना के तहत अब तक 29 किस्तों में 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।




