छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

30 दिन की ट्रेनिंग के बाद बांस शिल्प में निपुण हुईं 50 महिलाएं, जैशक्राफ्ट से आत्मनिर्भरता को मिली नई उड़ान

जशपुर। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की जैशक्राफ्ट पहल लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत झोलांगा के स्व-सहायता समूहों की 50 महिलाओं के लिए आयोजित 30 दिवसीय आवासीय बांस एवं फर्नीचर निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को लोखंडी स्थित महतारी सदन में समापन हुआ। प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

समापन समारोह में जशपुर विधायक रायमुनी भगत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, झोलांगा एवं लोखंडी के सरपंच, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।

रायमुनी भगत ने कहा कि तुरी और बसोंढ़ समाज में बांस शिल्प की समृद्ध परंपरा रही है। यदि पारंपरिक उत्पादों जैसे सूपा, झोड़ा और टोकरी को आधुनिक डिजाइन और बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए, तो कारीगरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रशिक्षण और मशीनों की सुविधा उपलब्ध कराकर स्थानीय कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को आधुनिक डिजाइन, उन्नत बांस बुनाई तकनीक, मशीनों के माध्यम से बांस प्रसंस्करण तथा आकर्षक फर्नीचर निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर सकें।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि जैशक्राफ्ट के प्रथम चरण का उद्देश्य तुरी समाज की पारंपरिक बांस शिल्प कला को आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ना है। इससे स्थानीय कारीगर प्रतिस्पर्धी उत्पाद तैयार कर बेहतर आजीविका अर्जित कर सकेंगे।

समारोह में गुजरात के सूरत से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षक राजेश विट्ठलिया और गोपाल विट्ठलिया को एक माह तक उत्कृष्ट प्रशिक्षण देने के लिए स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

जिला प्रशासन के अनुसार, लखपति दीदी पहल के तहत जैशक्राफ्ट के माध्यम से बांस शिल्प, हस्तशिल्प, छिंद कांसा शिल्प और हस्तकरघा जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के कौशल विकास, उत्पाद विविधीकरण और विपणन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button