पीएम मोदी से मिले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, बस्तर विकास से लेकर ₹10,500 करोड़ यूरिया प्लांट तक रखीं बड़ी मांगें

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर के व्यापक विकास का रोडमैप पेश करते हुए केंद्र सरकार से तीन प्रमुख परियोजनाओं के लिए सहयोग का आग्रह किया। बैठक में औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और कृषि से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की संयुक्त रणनीति के कारण बस्तर तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले नक्सल हिंसा से प्रभावित यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, हवाई संपर्क, पर्यटन और खेल के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य इस बदलाव को स्थायी बनाकर बस्तर को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है।
बैठक में राजनांदगांव में प्रस्तावित करीब ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए भूमि और आवश्यक राज्य स्तरीय स्वीकृतियां पूरी हो चुकी हैं। इसके शुरू होने से किसानों को उर्वरक उपलब्धता बेहतर होगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इसके अलावा बस्तर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष सहायता मांगी गई। रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के सामने रखा गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्त मुन्ने’ जैसी योजनाओं के माध्यम से 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 421 बंद स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है, जबकि ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की तैयारी चल रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। वहीं बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से ज्यादा युवाओं की भागीदारी को सामाजिक बदलाव का बड़ा संकेत बताया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राज्य में एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्लोबल बीपीओ और आधुनिक विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही ₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल सुशासन और निवेश अनुकूल नीतियों की भी जानकारी साझा की गई।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार से इन सभी विकास परियोजनाओं को सकारात्मक सहयोग मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ को शांति, विकास और निवेश के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में गति मिलेगी।



