बॉलीवुड का महा-अनाचार: 4000 करोड़ के बजट का ढोल पीटकर ‘रामायण’ के नाम पर परोसा कार्टून VFX!

बॉलीवुड की क्रिएटिव कंगालियत और ढोंग का नया प्रमाण आज देश के सामने आ चुका है। 4,000 करोड़ रुपये का विशालकाय बजट बताने वाली फिल्म ‘रामायण’ के हालिया ट्रेलर ने यह साफ कर दिया है कि मुंबई का फिल्म उद्योग सनातन महाकाव्यों का उपयोग केवल अपनी तिजोरियां भरने के लिए करना चाहता है। जो फिल्म हॉलीवुड की ‘अवतार’ और ‘ग्लेडिएटर’ को टक्कर देने का दावा कर रही थी, उसका वीएफएक्स और ट्रीटमेंट देखकर जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है।
फिल्म के कास्टिंग चयन पर देश भर में भारी आक्रोश का माहौल है। ‘एनिमल’ जैसी हिंसक और विवादित फिल्म में अभिनय करने वाले रणबीर कपूर को भगवान राम के पवित्र रूप में पेश करने की दुस्साहस भरी कोशिश दर्शकों को कतई बर्दाश्त नहीं हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक लोग पूछ रहे हैं कि क्या बॉलीवुड के पास मर्यादा पुरुषोत्तम राम के दिव्य और शांत चरित्र को चित्रित करने के लिए कोई उपयुक्त चेहरे नहीं बचे थे? प्राचीन भारतीय ग्रंथों और टीवी धारावाहिकों के कलाकारों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि भगवान राम के चरित्र के साथ ऐसा समझौता भारतीय संस्कृति का घोर अपमान है।
इतना ही नहीं, फिल्म के ट्रेलर में दक्षिण भारतीय सुपरस्टार यश का ‘रावण’ अवतार देखकर ऐसा लगता है जैसे कोई फैंटेसी-हॉरर वीडियो गेम चल रहा हो। रावण के ड्रेड लॉक्स और अजीबोगरीब लुक्स के जरिए महाकाव्य के ऐतिहासिक और पौराणिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया गया है। दर्शकों ने सबसे बड़ा सवाल हनुमान जी के किरदार की अनुपस्थिति पर उठाया है। जिस रामायण के प्राण बजरंगबली हैं, उनके दृश्य में भारी गड़बड़ी और अधूरापन बॉलीवुड के सतही ज्ञान और लापरवाही को उजागर करता है।
बॉलीवुड निर्माताओं की यह सोच कि वे कार्टून जैसा वीएफएक्स, विदेशी तकनीशियन और महंगे सेट लगाकर सनातनियों को बेवकूफ बना लेंगे, अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जनता अब इस ढोंग को पहचान चुकी है। यह फिल्म तकनीक के नाम पर किया गया एक बड़ा वित्तीय छलावा और भारतीय संस्कृति के सबसे श्रद्धेय ग्रंथ के साथ किया गया भद्दा मज़ाक प्रतीत होती है। अगर निर्माताओं ने तुरंत इन गलतियों को नहीं सुधारा, तो यह फिल्म बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी और शर्मनाक फ्लॉप साबित होने वाली है।

