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ट्रम्प की महाविनाशक नाकेबंदी से तिलमिलाया तेहरान! होर्मुज की घेराबंदी तोड़ने को मरे जा रहे अमेरिकी रीफ्यूलिंग लड़ाकू विमान, मध्य पूर्व दहला!

पश्चिम एशिया के समंदर में बारूद की गंध अब पूरी दुनिया का दम घोटने को तैयार है। पिछले 24 घंटों में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने ईरान के खिलाफ जो चक्रव्यूह रचा है, उसने तेहरान की सैन्य रीढ़ को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में ऐसी अभूतपूर्व सैन्य नाकेबंदी कर दी है कि ईरान की तेल सप्लाई लाइन पूरी तरह चोक होने की कगार पर है। पेंटागन के सूत्रों के हवाले से पुष्टि हुई है कि अमेरिका इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर 10 और खतरनाक रीफ्यूलिंग (आसमान में ईंधन भरने वाले) विमान भेज चुका है, जिसके बाद मिडिल ईस्ट में अमेरिकी रीफ्यूलिंग बेड़े की संख्या बढ़कर सीधे 40 हो गई है। ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान घुटने नहीं टेकता, यह नाकेबंदी नहीं हटेगी।

इधर वाशिंगटन की इस आक्रामक घेराबंदी से ईरान बुरी तरह बौखला गया है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी और सैन्य कमांडरों ने ट्रम्प के उन दावों को सरेआम खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिका से हमलों को रोकने की भीख मांगी है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपनी पूरी मिसाइल रेजिमेंट को हाई-अलर्ट पर डाल दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान और तुर्किये के राष्ट्रध्यक्षों से आपातकालीन बातचीत कर खुलेआम गीदड़भभकी दी है कि वे हर अमेरिकी हमले का उसी क्रूरता से जवाब देंगे।

भविष्य की संभावनाएं और भारत पर असर:

इस भीषण टकराव से आने वाले दिनों में कच्चा तेल (Crude Oil) 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है। लेकिन भारत ने पहले ही रूस से डिस्काउंटेड ऑयल और अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों को भरकर इस झटके को झेलने का फुलप्रूफ इंतजाम कर लिया है। संभावना यह भी है कि अगर अमेरिका ने ईरान के चाबहार पोर्ट के आसपास कोई सैन्य हरकत की, तो भारत अपनी कूटनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर उस विशेष आर्थिक क्षेत्र को सुरक्षित करा लेगा। ट्रम्प प्रशासन भी जानता है कि चीन को घेरने के लिए भारत का साथ जरूरी है, इसलिए अमेरिकी नाकेबंदी का सीधा असर भारत के व्यापारिक हितों पर नहीं पड़ने वाला है। ईरान पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुका है, जबकि भारत वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच एक सुरक्षित द्वीप की तरह खड़ा है।

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