ईरान के ‘जीरो एरर’ साइबर अटैक से कांप उठा अमेरिका! सात राज्यों की लाइफलाइन पर तेहरान का डिजिटल प्रहार, क्या ट्रम्प दबाएंगे परमाणु बटन?

यह युद्ध अब सिर्फ मिसाइलों और लड़ाकू जहाजों तक सीमित नहीं रहा; यह सीधे इंसानी वजूद की लड़ाई बन चुका है। पिछले 24 घंटों में अमेरिका के सात से अधिक राज्यों में एक के बाद एक बेहद खौफनाक साइबर हमले हुए हैं, जिन्होंने अमेरिकी नागरिकों की जीवन रेखा यानी उनके वाटर सप्लाई सिस्टम (पानी की आपूर्ति) को पंगु बना दिया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और साइबर सुरक्षा विंग ने इस महा-हमले के पीछे सीधे ईरान का हाथ होने का अंदेशा जताया है। मिनिसोटा से शुरू हुई यह डिजिटल आग देखते ही देखते सात राज्यों के वाटर और वेस्ट वाटर फैसिलिटीज (जल शोधन संयंत्रों) तक फैल गई, जिसके बाद अमेरिकी प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारियों को ऑटोमेटिक सिस्टम बंद कर हाथों से काम संभालना पड़ा।
ईरानी हैकर्स ने बेहद चालाकी से उन प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर्स (PLC) को निशाना बनाया जो पानी के प्रेशर और रसायनों की मात्रा को नियंत्रित करते हैं। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि इस ‘जीरो एरर’ अटैक का असली मकसद सिर्फ पानी रोकना नहीं, बल्कि अमेरिकी शहरों की सप्लाई में जहर घोलना या पानी को दूषित करना था। डोनाल्ड ट्रम्प ने इस पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए तेहरान को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका के आंतरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचाया गया, तो ईरान को ऐसे भीषण सैन्य नतीजों का सामना करना पड़ेगा जो इतिहास ने कभी नहीं देखे।


