ओमान को ट्रंप की बमबारी की धमकी, होर्मुज पर अमेरिका-ईरान की भिड़ंत से भारत की सांसें अटकीं!

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को धमकी दी है कि अगर वह ईरान के साथ उस समझौते के रास्ते में आया, जिसके जरिए होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की कोशिश हो रही है, तो अमेरिका उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। यह धमकी ऐसे समय सामने आई है जब होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या बेहद कम हो गई है।
भारत के लिए यह सिर्फ अमेरिका और ईरान की लड़ाई नहीं है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है और वहां तनाव बढ़ने का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आयात लागत और रुपये पर पड़ सकता है। 19 अगस्त को उपलब्ध शिपिंग आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को केवल छह कमोडिटी जहाज होर्मुज से गुजरे, जबकि हाल का औसत करीब 11 जहाज प्रतिदिन रहा है।
भारत पहले ही महंगे तेल और वैश्विक अस्थिरता का दबाव झेल रहा है। इसी दिन रिपोर्ट सामने आई कि रुपये पर दबाव को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया हो सकता है। बाजार सूत्रों के मुताबिक ऊंची तेल कीमतें और अमेरिका-ईरान युद्ध से पैदा हुई अनिश्चितता रुपये पर दबाव डाल रही है।
भारत की स्थिति साफ है—ऊर्जा आपूर्ति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा किसी भी भू-राजनीतिक टकराव की कीमत नहीं बन सकती। अमेरिका की धमकी और ईरान की नाकेबंदी के दावों के बीच असली चोट वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रही है। होर्मुज बंद या बाधित हुआ तो भारत सहित एशिया की ऊर्जा व्यवस्था पर सीधा झटका लग सकता है।
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