अमेरिका के दबाव को ठेंगा! पुतिन ने भारत को दिया बड़ा भरोसा, ऊर्जा-खाद की सप्लाई पर रूस का खुला ऐलान
Defying US pressure! Putin offers major reassurance to India; Russia makes a bold declaration regarding energy and fertilizer supplies.

मॉस्को में भारत और रूस के बीच उच्चस्तरीय बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में फिर हलचल पैदा कर दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। रूस ने भारत को ऊर्जा और उर्वरक की लगातार आपूर्ति का भरोसा दिया है।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच ऊर्जा आपूर्ति भारत के लिए बेहद अहम मुद्दा है। ऐसे समय में रूस का भारत को भरोसा देना रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक भारत-रूस आर्थिक सहयोग तेजी से बढ़ा है और दोनों देश व्यापार तथा आर्थिक संबंधों को और विस्तार देने पर जोर दे रहे हैं।
जयशंकर की मॉस्को यात्रा ऐसे समय हुई है जब भारत को रूस के साथ अपने संबंधों को लेकर पश्चिमी दबाव का सामना करना पड़ता रहा है। खासकर रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों की नीतियों ने भारत के लिए चुनौती पैदा की है। इसके बावजूद नई दिल्ली ने अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों के आधार पर रूस के साथ संबंध बनाए रखे हैं।
रूस की तरफ से उर्वरक आपूर्ति बढ़ाने का भरोसा भी भारत के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए उर्वरकों की नियमित उपलब्धता अहम है। पुतिन ने भारत के साथ सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।
इस मुलाकात का संदेश साफ है—अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर रूस के साथ रिश्ते आगे बढ़ाने में पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा। आने वाले समय में रूस-भारत ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग का यह समीकरण वैश्विक शक्ति संतुलन पर असर डाल सकता है।




