ईरान संकट का असर बाजारों पर, तेल 90 डॉलर के पार; एशियाई शेयरों में गिरावट

अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
अमेरिका और ईरान के बीच नए सैन्य टकराव के बाद सोमवार को एशियाई शेयर बाजार दबाव में रहे। संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई और निवेशकों की चिंता बढ़ी।
ब्रेंट क्रूड करीब 2.7 प्रतिशत बढ़कर 90.51 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा। तेल की कीमतों में यह तेजी वैश्विक महंगाई के लिए भी चिंता बढ़ा रही है, क्योंकि लंबे समय तक महंगा तेल रहने से परिवहन, उत्पादन और आयात लागत प्रभावित हो सकती है।
अमेरिका में फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर भी बाजार सतर्क हैं। फेड चेयर के महंगाई पर सख्त रुख के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इससे डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर भी असर पड़ा है।
भारत पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है। सोमवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नीचे रहे। रॉयटर्स के मुताबिक निफ्टी 50 करीब 0.68 प्रतिशत और सेंसेक्स करीब 0.58 प्रतिशत गिरा। तेल की बढ़ती कीमत और अमेरिकी ब्याज दरों की चिंता बाजार पर दबाव डाल रही है।
ईरान संकट अब सिर्फ सैन्य या कूटनीतिक मुद्दा नहीं रहा। तेल की कीमतों में तेजी के कारण इसका असर वैश्विक महंगाई, शेयर बाजार, करेंसी और भारत जैसे तेल आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
ये खबर भी पढ़ें—:



