IIT बॉम्बे में खौफनाक मोड़: सुसाइड के पीछे डायरेक्टर और प्रोफेसरों पर गंभीर आरोप, भड़का छात्रों का गुस्सा!

आईआईटी बॉम्बे का कैंपस एक बार फिर भयानक विवाद की चपेट में आ चुका है। दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे के आत्महत्या मामले ने अब अत्यंत भयावह और आक्रामक रूप ले लिया है। मृतक छात्र के पिता ने संस्थान के निदेशक शिरीष के. केदारे और संकाय सदस्यों पर सीधे-सीधे जातिगत उत्पीड़न और प्रताड़ना के गंभीर आरोप जड़ दिए हैं।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे कैंपस में छात्रों का गुस्सा ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा है। देर रात से छात्र सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं। जहां एक तरफ परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल की बात सामने आ रही थी, वहीं अब परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों ने प्रीमियर संस्थानों के अंदरूनी माहौल और मानसिक दबाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है, लेकिन छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है।
देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान जब पढ़ाई के नाम पर मानसिक यातना का अड्डा बन जाएं, तो यह पूरे सिस्टम के मुंह पर तमाचा है। उच्च शिक्षा संस्थानों को अब अपनी संवेदनहीनता का जवाब देना ही होगा।




