ममता बनर्जी की ‘तृणमूल’ पर चुनाव आयोग का हथौड़ा: पार्टी का नाम-सिंबल हुआ फ्रीज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं दीदी!

राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है! चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस (AITC) के अंदरूनी विवाद और दो गुटों में जंग के चलते पार्टी के नाम और उसके मशहूर ‘फूल-घास’ चुनाव चिन्ह को ही फ्रीज कर दिया है। इस फैसले ने न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है बल्कि ममता बनर्जी के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।
दीदी इस फैसले के खिलाफ खामोश बैठने वाली नहीं थीं; मामला सीधा सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर पहुंच चुका है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस के सामने अर्जी दाखिल करते हुए तुरंत सुनवाई की मांग की है और सीधे आरोप लगाया है कि जब चुनाव सिर पर हैं, तब चुनाव आयोग का ऐसा तुगलकी फरमान किसके इशारे पर आया है? बैंक अकाउंट फ्रीज होने और पार्टी का सिंबल छीन जाने से तृणमूल का खेमा आगबबूला है। विरोधी दल जहां इसे संवैधानिक व्यवस्था बता रहे हैं, वहीं ममता समर्थक इसे लोकतंत्र की सीधी हत्या करार देकर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं!
यह कोई मामूली कानूनी लड़ाई नहीं बल्कि बंगाल की सत्ता का वजूद तय करने वाला युद्ध बन चुका है। सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।




