राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा! 70 नहीं, 105 वारदातें CCTV में कैद

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सामने आया कि CCTV फुटेज में चढ़ावा चोरी की 70 नहीं, बल्कि 105 घटनाएं दर्ज हैं। इस खुलासे के बाद मामले की जांच और आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर तस्वीर और गंभीर हो गई है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को SIT की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है। SIT ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आरोपियों की पहचान की है।
जांच में सामने आया है कि चढ़ावे और कीमती सामान की रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती हैं, जबकि सामान SBI के लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है। CCTV फुटेज में गिरफ्तार किए गए 8 आरोपी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते हुए दिखाई दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित दूसरी SIT भी मामले की जांच कर रही है। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को कानून के अनुसार चार्जशीट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ताओं ने SIT रिपोर्ट की कॉपी मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह मामले को सेशन जज के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं करना चाहती।
इस बीच 22 सितंबर को 90 दिन पूरे होने का मुद्दा भी अहम हो गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता शिवम पांडेय के मुताबिक, कुछ मामलों में कानून के तहत निर्धारित अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी को वैधानिक यानी डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल सकता है। ऐसे में 25 सितंबर तक प्रस्तावित चार्जशीट की तारीख पर भी नजरें टिक गई हैं।
मामले में 25 जून को रामजन्मभूमि थाने में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उन पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति छिपाने या इस्तेमाल में मदद, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से अपराध जैसे आरोपों से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की गई है।
जुलाई में इस मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चार याचिकाएं भी दाखिल की गई थीं। याचिकाओं में राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों का पूरा ऑडिट कराने की मांग भी उठाई गई थी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—CCTV में दर्ज 105 घटनाओं की जांच के बाद SIT की चार्जशीट में क्या सामने आता है और 90 दिन की कानूनी समय-सीमा का आरोपियों की जमानत पर क्या असर पड़ेगा?




