बैंकाक में कुदरत का भयानक कहर: मूसलाधार बारिश से 7 लाख लोग प्रभावित, थम गया थाइलैंड का पहिया

थाईलैंड की राजधानी बैंकाक इस वक्त कुदरत के भीषण प्रकोप का सामना कर रही है। मूसलाधार बारिश के बाद आई भयावह बाढ़ से 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो गए हैं और शहर का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।
सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा है, ट्रेन स्टेशन ठप हैं और पूरे व्यापारिक क्षेत्र में पानी भर जाने से अरबों रुपये के नुकसान की आशंका है। प्रशासन स्थिति को संभालने के लिए पानी की निकासी में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में रोड़ा अटका रही है। यह आपदा यह दर्शाती है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में बुनियादी ढांचे की तैयारियां जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के सामने कितनी कमजोर साबित हो रही हैं।
जलवायु संकट के इस दौर में, भारत ने दुनिया के सामने ‘सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर’ और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) का एक ऐसा मजबूत मॉडल पेश किया है जिसकी तारीफ वैश्विक मंचों पर हो रही है। इस तरह की भयानक मानवीय आपदाएं साबित करती हैं कि भारत की ‘कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ (CDRI) जैसी पहल दुनिया के लिए कितनी अनिवार्य हो चुकी है।
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