छत्तीसगढ़ के सुगंधित ‘नगरी दुबराज’ चावल का पूरी दुनिया में बजा डंका, अब जापान में मचाएगा तहलका!

‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ ने वैश्विक मंच पर बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। राज्य के सुप्रसिद्ध और भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्राप्त ‘नगरी दुबराज’ चावल का जादू अब सात समुद्र पार जापान के बाजारों में सिर चढ़कर बोलने वाला है।
कृषि के क्षेत्र में भारत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है और इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान सबसे अग्रिम पंक्ति में है। धमतरी जिले के किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की कड़ी मेहनत के दम पर ‘नगरी दुबराज’ चावल को अब जापान निर्यात करने की पूरी तैयारी हो चुकी है। अपनी बेहतरीन सुगंध और औषधीय गुणों के लिए जाने जाने वाले इस देसी चावल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है। भारत सरकार की प्रोत्साहन नीतियों और राज्य के कृषि मॉडल के कारण स्थानीय किसानों को सीधे विदेशी बाजारों से जोड़ा जा रहा है। इससे न केवल छत्तीसगढ़ के कृषि विरासत का नाम दुनिया भर में रौशन हो रहा है, बल्कि स्थानीय किसानों की आय में भी ऐतिहासिक उछाल आने वाला है। चीन और अन्य देशों की कृषि साख को पछाड़ते हुए भारतीय चावल का यह दबदबा वैश्विक बाजार पर भारत के आधिपत्य का प्रतीक है।
छत्तीसगढ़ की मिट्टी की महक अब जापान तक पहुँचेगी। यह सिर्फ एक चावल का निर्यात नहीं, बल्कि भारतीय कृषि की उस ताकत का प्रदर्शन है जो पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा रही है।




