रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को रायपुर जिले के अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी का श्रवण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को देश की लोकशक्ति और प्रधानमंत्री के बीच आत्मीय जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ के जरिए प्रधानमंत्री देश के उन सामान्य नागरिकों के असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं, जो समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति, नवाचार और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। ऐसे प्रेरक प्रयास अन्य लोगों को भी समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
बस्तर की संस्कृति और प्रतिभाओं को मिली राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, खेल प्रतिभाओं और जनकल्याणकारी प्रयासों का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के माध्यम से यहां की खेल प्रतिभाओं और आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि आज बस्तर शांति, विश्वास और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। यहां की युवा प्रतिभाएं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत प्रदेश की नई पहचान बना रही हैं।
कोरिया के पांच प्रतिशत मॉडल की भी हुई सराहना
मुख्यमंत्री साय ने कोरिया जिले के जल संरक्षण के अभिनव पांच प्रतिशत मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत किसान अपनी जमीन के पांच प्रतिशत हिस्से में तालाब बनाकर वर्षा जल का संचय करते हैं। इससे सिंचाई की सुविधा बढ़ने के साथ भूजल संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।
इसके अलावा ऐतिहासिक मल्हार के ताम्रपत्रों और पोषण अभियान से जुड़े ‘हर घर मुनगा’ जैसे प्रयासों को भी प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है।
स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी को बढ़ावा देने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में कार्यक्रम के 12 वर्षों के सफर का उल्लेख करते हुए देशवासियों के परिश्रम, सेवा और समर्पण की सराहना की। उन्होंने पंजाब में प्राकृतिक कपास की खेती और बुनकरी के जरिए महिला सशक्तिकरण, उत्तराखंड में हेवल नदी के पुनर्जीवन, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और खादी की बढ़ती लोकप्रियता जैसे प्रयासों का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने त्योहारों के दौरान स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीदने और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इसके साथ ही ई-संजीवनी, आधुनिक अनुसंधान, युवाओं के डीप-टेक स्टार्टअप, श्रीअन्न की खेती और अंगदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित होने वाले ‘रन फॉर यूनिटी’ में सहभागिता, स्वच्छता और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश भी दिया।
विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संचय, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन, नवाचार और जनभागीदारी जैसे विषयों को आम लोगों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्य के प्रति समर्पण जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ और देश विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।










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