बस्तर की बेटियों का अदम्य साहस और छत्तीसगढ़ पुलिस का पराक्रम: एकता नगर में गूंजी शौर्य की गाथा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वीरों के साथ साझा किया भोजन

The indomitable courage of the daughters of Bastar and the valor of the Chhattisgarh Police: A saga of heroism resonates in Ekta Nagar; Deputy Chief Minister Vijay Sharma shares a meal with the bravehearts.
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गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में अपने अदम्य साहस, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाले पुलिस अधिकारियों से आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने परेड में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों को बधाई दी, उनके अनुभव सुने और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के सुरक्षा बलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए सभी के साथ भोजन किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एकता नगर की भव्य परेड में छत्तीसगढ़ के जवानों की सहभागिता पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण था। उन्होंने कहा, “मैंने स्वयं इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। जब हमारे जवान पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और गर्व के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च कर रहे थे, तब वह दृश्य अत्यंत भावुक और गर्व से भर देने वाला था। हमारे जवान केवल एक परेड में हिस्सा नहीं ले रहे थे, बल्कि वे पूरे देश के सामने छत्तीसगढ़ के साहस, संघर्ष और बदलते बस्तर की नई पहचान प्रस्तुत कर रहे थे।”

बस्तर की महिला कमांडो का आत्मविश्वास अद्भुत

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विशेष रूप से बस्तर फाइटर्स की महिला कमांडो के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस आत्मविश्वास, जोश और दृढ़ता के साथ बस्तर की महिला कमांडो ने परेड में मार्च किया, वह अद्भुत था। उस क्षण वे केवल अपनी टुकड़ी का नेतृत्व नहीं कर रही थीं, बल्कि पूरे बस्तर की महिलाओं की शक्ति, साहस और आत्मसम्मान का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।

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विजय शर्मा ने आगे कहा कि जिन क्षेत्रों को कभी नक्सल हिंसा और भय के कारण जाना जाता था, आज उन्हीं क्षेत्रों की बेटियां पूरे देश के सामने अपने साहस और सामर्थ्य का प्रदर्शन कर रही हैं। यह बदलते बस्तर की सबसे सुंदर और प्रेरणादायक तस्वीर है। बस्तर की इन बेटियों ने दिखा दिया है कि अवसर मिलने पर वे किसी भी चुनौती का सामना करने और देश का गौरव बढ़ाने में पूरी तरह सक्षम हैं।

एकता नगर की भव्यता और देशभर से मिले स्नेह ने मोहा मन

मुलाकात के दौरान परेड में शामिल अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के लिए उन्होंने लगातार कठिन अभ्यास और मेहनत की थी। देश के विभिन्न सुरक्षा बलों के साथ एक ही मंच पर प्रदर्शन करना उनके लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहा। अधिकारियों ने बताया कि एकता नगर की सुंदरता, भव्यता और वहां की व्यवस्थाएं उनकी कल्पना से भी कहीं अधिक शानदार थीं। उन्हें पूरे छत्तीसगढ़ से लगातार बधाइयां और शुभकामनाएं प्राप्त हुईं, जिससे उनका उत्साह कई गुना बढ़ गया।

जवानों ने भावुक होकर बताया कि उनके लिए सबसे गर्व का क्षण वह था, जब पूरे देश के सामने छत्तीसगढ़ पुलिस और बस्तर के सुरक्षा बलों के योगदान को प्रस्तुत करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि हमने पूरे गर्व के साथ देश को बताया कि किस प्रकार सभी ने मिलकर नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष किया और उसे समाप्त करने में अपनी भूमिका निभाई। यह केवल परेड में शामिल होने का अवसर नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, साथियों के बलिदान और बस्तर में स्थापित हो रही शांति की विजयगाथा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर था।

नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष से शांति और विकास तक की यात्रा का प्रतीक

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने साहस, समर्पण और बलिदान से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी है। आज उसी संघर्ष और सफलता की कहानी राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। बस्तर आज भय और हिंसा के अतीत से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस परिवर्तन में हमारे वीर जवानों की भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ की सहभागिता ने पूरे देश को छत्तीसगढ़ के पराक्रम और मजबूत संकल्प का संदेश दिया है।

इन अधिकारियों ने निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

गुजरात के एकता नगर में आयोजित इस राष्ट्रीय राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में डीएसपी बृज किशोर यादव ने संपूर्ण परेड के द्वितीय कमान अधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। वे वर्तमान में बीजापुर जिले के कुटरू में एसडीओपी के पद पर पदस्थ हैं। डीएसपी जितेंद्र कुम्भकार परेड के आरक्षित टू-आईसी रहे, जो वर्तमान में सुकमा जिले के कोंटा में एसडीओपी हैं।

इसके अलावा डीएसपी कुलदीप बंजारे ने डीआरजी की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व किया, जबकि शरद जायसवाल आरक्षित कमांडर रहे। डीएसपी अमृता पैकरा ने डीआरजी एवं बस्तर फाइटर्स की महिला टुकड़ी का नेतृत्व किया और कविता ध्रुवे महिला टुकड़ी की आरक्षित कमांडर रहीं। इसी प्रकार डीएसपी प्रवीण भारती एसटीएफ टुकड़ी के आरक्षित अधिकारी रहे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी अधिकारियों के समर्पण, कठिन परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। आप सभी का साहस और अनुशासन प्रदेश के अन्य पुलिसकर्मियों तथा युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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