रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए दिवाली से पहले खुशियों की सौगात आई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी कर दी गई है। राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में योजना की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की।
इस बार योजना के तहत कुल 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। सरकार के मुताबिक, 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से यह राशि भेजी गई है। दिवाली से ठीक पहले खाते में आर्थिक सहायता पहुंचने से प्रदेश की महिलाओं और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।
ई-केवाईसी कराने वाली महिलाओं को मिला लाभ
महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त के अंतर्गत ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करा चुकीं 67 लाख 33 हजार 502 महिला हितग्राहियों को लाभ मिला है। वहीं, नियद नेल्ला नार कैंप क्षेत्रों की 6,908 महिलाओं को भी इस किस्त की राशि प्रदान की गई है।
इस योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, घरेलू जरूरतों को पूरा करने में उनकी भागीदारी बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
अब तक 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरुआत की थी। योजना के माध्यम से प्रदेश की 67 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 33वीं किस्त जारी होने के साथ ही योजना के तहत अब तक कुल 21 हजार 350.50 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
इस आर्थिक सहायता से महिलाएं घर की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक खर्चों में भी योगदान दे रही हैं। त्योहारों के दौरान खरीदारी और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी यह राशि मददगार साबित हो रही है।
महिलाओं की बढ़ी आर्थिक ताकत, बाजारों में भी दिख रहा असर
महतारी वंदन योजना का असर अब केवल महिलाओं के घरेलू बजट तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। महिलाओं के हाथों में नियमित रूप से आर्थिक सहायता पहुंचने से खरीदारी की क्षमता बढ़ी है। इससे त्योहारों के दौरान बाजारों में रौनक बढ़ने और छोटे कारोबारियों को भी फायदा मिलने की बात सामने आ रही है।
योजना की राशि से महिलाओं को परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में हाथ बंटाने का अवसर मिला है। इससे परिवार के मुखिया पर आर्थिक दबाव कम करने में भी मदद मिल रही है।
दरअसल, महतारी वंदन योजना केवल हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये की सहायता तक सीमित नहीं है। यह महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास, परिवार में उनकी भागीदारी और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की एक पहल है। दिवाली से पहले जारी हुई 33वीं किस्त ने एक बार फिर प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक राहत दी है।











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