अमेरिका में बंदूक संस्कृति और गन-वायलेंस की खौफनाक और घिनौनी तस्वीर आज एक बार फिर सामने आई है। ऑरेगॉन राज्य के एक प्राइमरी स्कूल में सुबह-सुबह एक 19 वर्षीय बंदूकधारी ने घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस दिल दहला देने वाले नरसंहार में 3 मासूम बच्चों और 1 निहत्थे शिक्षक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के दौरान स्कूल में मौजूद एक साहसी शिक्षक ने शूटर से हाथापाई की, जिसके बाद मौके पर पहुंचे एक बच्चे के पिता (पेरेंट) ने अपनी बंदूक से उस किशोर शूटर को गोली मारकर वहीं ढेर कर दिया!
पुलिस और प्रत्यदर्शियों के अनुसार, हमलावर उसी स्कूल का एक पूर्व स्पेशल-नीड्स छात्र था, जो भारी हथियारों से लैस होकर मासूम बच्चों का कत्लेआम करने के इरादे से घुसा था। सुबह की क्लास शुरू ही हुई थी कि गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा स्कूल गूंज उठा। मासूम बच्चे अपनी जान बचाने के लिए बेंचों के नीचे छिपे हुए थे। अगर एक बच्चे के पिता ने समय पर हस्तक्षेप करके शूटर को अपनी रिवॉल्वर से नहीं मारा होता, तो लाशों का ढेर और भी बड़ा हो सकता था। इस खूनी घटना के बाद पूरे अमेरिका में माता-पिता का गुस्सा फूट पड़ा है और गन कंट्रोल कानून को लेकर भारी बावेला खड़ा हो गया है।
अमेरिका की यह शर्मनाक सच्चाई एक बार फिर जगजाहिर हो चुकी है कि वहां के स्कूल अब बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं रह गए हैं। सरकार की ढीली नीतियों और खुलेआम हथियार बिकने की छूट ने फिर से तीन मासूम जिंदगियों को उनसे छीन लिया। एक नागरिक द्वारा शूटर को मारे जाने से यह बहस भी छिड़ गई है कि क्या अब स्कूलों की सुरक्षा केवल आम लोगों के हाथों में ही रह गई है?
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