एशियाई महाद्वीप और विशेष रूप से प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में आज सुबह एक ऐसा महा-संकट खड़ा हो गया है, जिसने अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालयों के होश उड़ा दिए हैं। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के इशारे पर उनकी सेना ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से लैस एक बेहद खतरनाक और मारक पनडुब्बी-रोधी टॉरपीडो ‘Zam-2.0’ का सफल परीक्षण करने का सनसनीखेज दावा किया है। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया केसीएनए (KCNA) के अनुसार, यह हथियार अपने आप दुश्मन के जहाजों को ढूंढकर उन्हें चुटकियों में तबाह करने की क्षमता रखता है।
किम जोंग उन का यह नया कारनामा दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध की धकेलने की दिशा में उठाया गया बेहद क्रूर कदम माना जा रहा है। पिछले 5 वर्षों में 180 से अधिक गुप्त परीक्षण करने के बाद विकसित की गई इस प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़ा गया है। इसका मतलब यह है कि अगर समुद्र में कोई अमेरिकी या जापानी युद्धपोत आता है, तो यह टॉरपीडो किसी मानवीय निर्देश के बिना ही अपने टारगेट को डिटेक्ट करेगी और उस पर सटीक हमला करके उसे जलसमाधि दे देगी। इस परीक्षण की खबर बाहर आते ही वाशिंगटन से लेकर टोक्यो तक हड़कंप मच गया है और सुरक्षा परिषदों की आपातकालीन बैठकें बुलाई जा रही हैं।
उत्तर कोरिया द्वारा एआई का इस्तेमाल कर सैन्य हथियारों को इस तरह से घातक बनाना वैश्विक शांति के लिए एक खुली चुनौती और बेहद भयानक मोड़ है। अब तक जो एआई केवल तकनीक तक सीमित थी, उसे परमाणु-सज्जित उत्तर कोरिया ने नरसंहार के हथियार में बदल दिया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए किए गए इस दुस्साहसिक परीक्षण ने अमेरिका और उसके सहयोगियों की नौसैनिक श्रेष्ठता पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। दुनिया अब एक बेहद अनिश्चित और खतरनाक मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है।
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