मिडिल ईस्ट से आज सुबह एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे विश्व बाजार को हिलाकर रख दिया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज की खाड़ी’ (Strait of Hormuz) में एक विशाल तेल सुपरटैंकर में नौसैनिक खदान (Naval Mine) से टकराने के बाद भीषण आग लग गई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस बात की पुष्टि की है कि यह टैंकर बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया और देखते ही देखते समुद्र में आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। इस घटना के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त भूचाल आने की आशंका पैदा हो गई है!
यह घटना केवल एक हादसा नहीं बल्कि मिडिल ईस्ट में सुलग रही एक बहुत बड़ी जंग का भयावह परिणाम है। होर्मुज की खाड़ी वह संकरा समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होकर गुजरता है। ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों और ईरानी सेना द्वारा इस क्षेत्र में बिछाई जा रही बारूदी सुरंगों ने अब वाणिज्यिक जहाजों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। टैंकर पर सवार कई क्रू मेंबर्स के लापता होने की खबर है, जबकि राहत और बचाव दल आग पर काबू पाने में असमर्थ साबित हो रहे हैं क्योंकि पूरे इलाके में और भी समुद्री खदानों के होने का खतरा मंडरा रहा है।
होर्मुज की खाड़ी में हुआ यह आत्मघाती धमाका अंतरराष्ट्रीय व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए एक सीधा मृत्युदंड साबित हो सकता है। अगर यह समुद्री रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे, जिससे भारी महंगाई का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने इस घटना के लिए ईरान को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है और नौसैनिक बेड़े को वहां भेजने का ऐलान किया है। मिडिल ईस्ट का यह जलमार्ग अब बारूद का ढेर बन चुका है जो कभी भी पूरे विश्व को भस्म कर सकता है।






