देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

‘दुनिया महामंदी और जंग में स्वाहा, भारत बनेगा विश्व अर्थव्यवस्था का नया सिकंदर’— अमेरिकी पाबंदियों के बीच भारत की आक्रामक आर्थिक हुंकार!

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कनाडा पर 50% से ज्यादा टैरिफ थोपने के बाद पूरी पश्चिमी दुनिया भारी आर्थिक तबाही और महामंदी की कगार पर खड़ी हो गई है। लेकिन इस भीषण वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत ने अपनी प्रचंड आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता के दम पर पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया है।

22 और 23 जुलाई को जारी वैश्विक रिपोर्टों के अनुसार, जहां अमेरिका और यूरोपीय देश युद्ध के भारी बजटीय बोझ (अकेले अमेरिका का युद्ध खर्च $37.5 अरब पार) से कराह रहे हैं, वहीं भारत का औद्योगिक और तकनीकी ढांचा रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। अमेरिका और कनाडा के बीच छिड़े व्यापार युद्ध के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनियां पश्चिमी बाजारों से अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर भारत में अरबों डॉलर के निवेश का दांव लगा रही हैं।

इतना ही नहीं, वैश्विक कूटनीति और टेक्नोलॉजी के मंच पर भी भारतीय प्रतिभा का डंका बज रहा है। ब्रिटेन सरकार ने भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को देश का पहला ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री’ नियुक्त कर भारतीय मेधा का लोहा माना है।

वैश्विक मंदी के थपेड़ों के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी अर्थव्यवस्था न तो किसी युद्ध के दबाव में झुकेगी और न ही किसी अमेरिकी टैरिफ से डगमगाएगी। खाड़ी देशों में जारी तेल संकट के बावजूद भारत ने अपने विशाल ऊर्जा भंडारों और विविधीकृत व्यापारिक नीतियों के बल पर देश में महंगाई को नियंत्रण में रखा है। आज जब पूरी दुनिया युद्ध और आर्थिक कंगाली की ओर बढ़ रही है, तब भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती और सबसे सुरक्षित आर्थिक महाशक्ति के रूप में दुनिया पर राज कर रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button