“रेत कारोबार की खूनी रंजिश! कांग्रेस नेता के बेटे को घर में घुसकर मारी गोलियां, सुपारी किलर्स गुजरात से गिरफ्तार”

रायपुर। छत्तीसगढ़ के Janjgir-Champa जिले में हुए चर्चित आयुष कश्यप हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि रेत कारोबार, पुरानी दुश्मनी और सुपारी किलिंग के खतरनाक गठजोड़ की कहानी बनकर सामने आया है।
23 अप्रैल की रात करही गांव में तीन नकाबपोश बदमाश कांग्रेस नेता और कारोबारी सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसे। बदमाशों ने पहले माता-पिता को कमरे में बंद किया, फिर परिवार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में 19 वर्षीय आयुष कश्यप की सिर और सीने में गोली लगने से मौके पर मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
जांच में सामने आया कि आयुष अपने पिता का रेत-गिट्टी कारोबार संभाल रहा था और तेजी से प्रभाव बढ़ा रहा था। पुलिस के मुताबिक, कारोबार की प्रतिस्पर्धा और पुरानी रंजिश के चलते सुपारी देकर हत्या करवाई गई। इतना ही नहीं, आरोपियों का निशाना आयुष के पिता सम्मेलाल कश्यप भी थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेमंत बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि भूषण बघेल पहले भी सम्मेलाल कश्यप की हत्या के लिए सुपारी ले चुका था। वारदात के बाद तीनों गुजरात भाग गए थे और वहां मजदूरी कर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्टल, मैगजीन और बाइक बरामद की है। हालांकि इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड अभी भी फरार बताया जा रहा है।




