‘हिंद महासागर में परिंदा भी पर नहीं मार सकता’— भारत की समंदरी हुकूमत से घबराए दुश्मन, मर्चेंट नेवी की सुरक्षा में उतरा नौसेना का चक्रव्यूह!

फारस की खाड़ी और लाल सागर में अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण मचे समुद्री हाहाकार के बीच भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर और अरब सागर में अपनी ऐसी लोहे की दीवार खड़ी कर दी है, जिससे दुनिया भर के समुद्री लुटेरे और भारत-विरोधी ताकतें खौफ में हैं। बीते 24 घंटों में भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हिंद महासागर का राजा सिर्फ और सिर्फ भारत है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी नाकेबंदी और लाल सागर में हूथी हमलों के चलते दुनिया की व्यापारिक शिपिंग लाइनें ठप्प हो चुकी हैं। लेकिन भारतीय नौसेना ने अरब सागर से लेकर बाब-अल-मंदेब तक ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह रचा है कि भारतीय ध्वज वाले किसी भी व्यापारिक पोत पर हमला करना तो दूर, कोई दुश्मन उसकी तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत भी नहीं कर पा रहा है।
भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और ‘पी-8आई’ मैरीटाइम गश्ती विमान लगातार 24 घंटे समुद्र के हर एक इंच की निगरानी कर रहे हैं। भारतीय नौसेना प्रमुख के कड़े निर्देशों के बाद समुद्री कमान को ‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय’ मोड पर रखा गया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट प्रदान करके दुनिया को दिखा दिया है कि जब पश्चिमी महाशक्तियां युद्ध में उलझकर पस्त हो रही हैं, तब केवल भारत ही वैश्विक समुद्री व्यापार का सबसे बड़ा संरक्षक और रक्षक बनकर उभरा है।
भारत की इस आक्रामक और सतर्क तैनाती से क्षेत्रीय उपद्रवियों में खलबली मच गई है। भारतीय सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया है कि भारत के समुद्री आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाली किसी भी बाहरी ताकत को समुद्र की गहराइयों में ही दफना दिया जाएगा।


